देश में अनलॉक-2 चल रहा है. निर्धारित समय के बाद घर से निकलने की मनाही है. गुजरात में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक घर से तब तक नहीं निकल सकते, जब तक बहुत जरूरी ना हो. घर से निकलने के लिए मास्क पहनना जरूरी है. मास्क पहनने का नियम पालन कराने के चक्कर में एक महिला पुलिसकर्मी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया.
मंत्री के बेटे प्रकाश से पूछताछ करती महिला पुलिसकर्मी सुनीता यादव (बाएं), जमानत पर रिहा हुए प्रकाश और उसके दो दोस्त. (दाएं)
पूरा मामला?
महिला पुलिसकर्मी का नाम सुनीता यादव है. गुजरात के सूरत में तैनात थीं. बुधवार, 8 जुलाई की रात 10:30 बजे सूरत के मंगध चौक पर एक वाकया हुआ, जब सुनीता अपनी ड्यूटी कर रही थीं. इसी दौरान स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी के समर्थक बिना मास्क लगाए घूम रहे थे. सुनीता ने उन्हें रोका. नाइट कर्फ्यू के दौरान सड़क पर घूमने और मास्क न लगाने को लेकर पूछताछ की.
इंडिया टुडे की रिपोर्टर गोपी मनियार के मुताबिक, सुनीता ने पांच लोगों को रोका था, जो एक कार में बिना मास्क लगाए घूम रहे थे. कार की चाबी ले ली. इसके बाद एक लड़के ने मंत्री के बेटे प्रकाश को बुला लिया. जब सुनीता ने पूछा कि नाइट कर्फ्यू में क्यों घूम रहे हो, तो एक ने खुद को मंत्री का बेटा प्रकाश बताया. वहीं, दूसरा सुनीता के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा. सुनीता ने फटकारते हुए कहा-
तुमको पहले निकलने को किसने कहा? तुम मंत्री के बेटे हो तो सबसे पहले तुमको नियम का पालन करना चाहिए.
इसके बाद सुनीता ने राज्यमंत्री कानानी से बात की. उन्हें पूरी बात बताई. पूछा क्या उन्हें जानकारी है कि उनका बेटा नाइट कर्फ्यू में घूम रहा है? मंत्री जी कहने लगे,
क्या तुम मेरे से बहस कर रही हो. वो मेरा बेटा है. मेरी गाड़ी है. वो चला सकता है.
स्वास्थ्य राज्य मंत्री कुमार कानानी.
गाड़ी पर विधायक और मंत्री का नाम लिखा हुआ था. इस पर जब सवाल पूछा तो मंत्री ने कहा कि मेरी ही गाड़ी है.
इसके बाद सुनीता ने वारछा पुलिस स्टेशन में कॉल करके वहां के इंस्पेक्टर को पूरा मामला बताया. उस इंस्पेक्टर ने कहा कि उसकी ड्यूटी ये है कि उस एरिया में कोई हीरा और टेक्सटाइल यूनिट न खुले. न कि कर्फ्यू में आने जाने वाले लोगों का ध्यान रखना. इसके बाद इंस्पेक्टर ने सुनीता को घर जाने का आदेश दे दिया.
वहीं, मंत्री के समर्थकों और बेटे ने महिला सिपाही के साथ बातचीत का ऑडियो वारयल कर दिया. ऑडियो क्लिप में मंत्री का बेटा प्रकाश कह रहा है-
मैं तुमको इसी जगह 365 दिन खड़ा रख सकता हूं.
इस पर सुनीता ने कहा कि वो उसके पिता की नौकर नहीं है, जो उसे वो वहां 365 दिन खड़ा रखेगा.
इतना कुछ होने के बाद सुनीता ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मामला सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर सुनीता को सपोर्ट करने लगे. #I_Support _Sunita_Yadav ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा. इसले अलावा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल, डॉ कुमार विश्वास समेत अन्य ने गुजरात सरकार को टैग करके सुनीता यादव के पक्ष में फैसला लेने को कहा.
सूरत के सीनियर पुलिस अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे. मंत्री के बेटे प्रकाश और उसके दो दोस्तों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने के आरोप में रविवार 12 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. साथ ही उनके खिलाफ IPC की धारा 188, 269, 270 और 144 के तहत केस भी दर्ज किया है. हालांकि खबर ये भी है कि उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है. हालांकि हमने सुनीता यादव से संपर्क करने की कोशश की थी, पर बात नहीं हो पाई.
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